पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि उसकी वायु सेना ने बुधवार सवेरे भारत प्रशासित कश्मीर में छह ठिकानों पर हमले किए हैं.
उनका कहना है, "हमने हमले अपने बचाव में किए हैं. पाकिस्तान की सेना के पास जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं था."
उन्होंने कहा कि वो भारत के तरीक़े से जवाब देने की बजाय ऐसे मुल्क की तरह जवाब देना चाहते थे जो ज़िम्मेदार है.
उन्होंने कहा, "आज सवेरे पाकिस्तान एयरफोर्स ने ये फ़ैसला किया कि वो कोई सैन्य टार्गेट नहीं लेंगे. साथ ही इसमें किसी इंसानी ज़िदगी का नुक़सान नहीं हो. हमारी सेना ने अपनी हदों के भीतर रहते हुए टार्गेट लॉक किए और थोड़े फ़ासले पर खुली जगह पर हमले किए."
"भिंबर गली, केजी टॉप और नारियान के इलाक़े में भारतीय सेना के सप्लाई डिपो पर हमले लॉक किया. लेकिन हमले ज़िम्मेदारी का सबूत देते हुए उससे कुछ दूरी हमले किए."
पाक सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के हमले के बाद भारतीय एयरफ़ोर्स के दो लड़ाकू विमान सीमा के नज़दीक आए थे जिनका पाकिस्तानी वायुसेना ने मुक़ाबला किया और उन्हें मार गिराया.
"इनमें से एक हमारी सीमा के पास गिरा जबकि एक भारतीय सीमा के नज़दीक गिरा है. लेकिन भारत में एक और भारतीय विमान के गिरने की ख़बर है उसमें पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है."
"भारतीय मीडिया में दावा किया जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान का एफ़-16 विमान गिराया है लेकिन हमने एफ़-16 का इस्तेमाल नहीं किया है."
उनका कहना है, "हम शांति का रास्ता अख़्तियार करना चाहते हैं. लोगों को हक़ है कि वो शांति से रहें. आइए मिल कर बैठें और बातचीत करें. हूकूमते पाकिस्तान की शांति की अपील को भारत सुने और फ़ैसला करे."
हालांकि पाकिस्तानी सेना के इन दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है.
समाचार एजेंसियों पीटीआई और रॉयटर्स के मुताबिक़ बालाकोट हमले के अगले दिन यानी बुधवार को पाकिस्तान के विमान ने भारतीय वायु सीमा में प्रवेश किया.
एजेंसी के अनुसार पाकिस्तानी विमान जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले के नौशेरा सेक्टर में दाख़िल हुए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारत के विमानों ने पाकिस्तानी विमानों को भागने पर मजबूर कर दिया जिसके बाद वो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की तरफ़ भाग गए.
कई हवाईअड्डे बंद
समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि पठानकोट, श्रीनगर, जम्मू, लेह के हवाई अड्डों को बंद किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार श्रीनगर, जम्मू, लेह, चंडीगढ़ और अमृतसर हवाईअड्डों से उड़ानों को रोक दिया गया है. हालांकि चंडीगढ़ के एयरपोर्ट के निदेशक ने बीबीसी को बताया है कि हवाई अड्डा सामान्य रूप से काम कर रहा है.
विमानन कंपनी एयर विस्तारा ने जानकारी दी है कि "हवाई मार्ग में लगाए जाने के कारण अम-तसर, श्रीनगर, चंडीगढ़ और जम्मू से उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है."
विमानन कंपनी एयर विस्तारा ने जानकारी दी है कि "एयरस्पेस में रोक लगाए जाने के कारण अमृतसर, श्रीनगर, चंडीगढ़ और जम्मू से उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है."
मंगलवार को भारत ने दावा किया था कि उसने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले किए हैं, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया.
जवाब में पाकिस्तान ने कहा था कि भारतीय विमानों से उनकी हवाई सीमा का उल्लंघन किया है. हालांकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है कि इससे कोई नुक़सान हुआ है.
पाकिस्तान का कहना था कि भारतीय विमान जल्दी में कुछ विस्फोटक गिराकर लौट गए. बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की.
जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने कहा कि वे इस हमले का जवाब देंगे.
दरअसल पुलवामा में एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ़ के 40 जवानों के मारे जाने के बाद दोनों ही देशों में तनाव बढ़ गया था. भारत ने कहा था कि वो इस हमले का जवाब देगा.
Wednesday, February 27, 2019
Wednesday, February 20, 2019
पाकिस्तान में 20 अरब डॉलर के बदले सऊदी अरब को क्या मिलेगा
सऊदी के बाग़ी पत्रकार जमाल ख़ाशोग्जी की पिछले साल अक्टूबर में तुर्की में हत्या के बाद से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान दुनिया भर में अलग-थलग हो गए थे.
सीआईए ने कहा था कि ख़ाशोग्जी की हत्या क्राउन प्रिंस के आदेश पर हुई थी. ख़ाशोग्जी की हत्या को लेकर कई अहम हस्तियों ने रियाद में इन्वेस्टमेंट समिट का बहिष्कार कर दिया था.
नवंबर में सलमान ट्यूनीशिया गए तो विरोध का सामना करना पड़ा. सलमान जब मोरक्को पहुंचे तो किंग मोहम्मद VI ने भी उनसे मिलने से परहेज किया.
बिछ गया पाकिस्तान
17 फ़रवरी को जब क्राउन प्रिंस पाकिस्तान पहुंचे तो ख़ाशोग्जी की हत्या की छाया कहीं नहीं दिखी. पाकिस्तान ने क्राउन प्रिंस को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया.
सलमान जब पिछले हफ़्ते रविवार की रात पाकिस्तान पहुंचे तो पाकिस्तान ने सोमवार को क्राउन प्रिंस के सम्मान में सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा कर दी.
रविवार की रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सलमान की मौजूदगी में कहा, ''सऊदी अरब पाकिस्तान के लिए मुश्किलों का दोस्त रहा है इसलिए हमारे लिए यह संबंध काफ़ी अहम है.''
क्राउन प्रिंस ने पाकिस्तान में पेट्रोकेमिकल्स, ऊर्जा और खनन परियोजनाओं में 20 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की. इसके अलावा सलमान ने सऊदी की जेलों में बंद 2,000 पाकिस्तानी नागरिकों के तत्काल रिहाई की घोषणा की.
ख़ान ने कहा कि क्राउन प्रिंस ने ऐसा कर पाकिस्तानियों का दिल जीत लिया. इमरान ख़ान भी प्रोटोकॉल तोड़ एमबीएस को ख़ुद ही गाड़ी चला अपने आवास तक लाए.
एमबीएस का पाकिस्तान दौरे में जैसा स्वागत हुआ वो किसी अंतरराष्ट्रीय स्टेट्समैन से भी आगे का था. पाकिस्तान के बाद सलमान भारत पहुंचे और यहां भी प्रधानमंत्री मोदी स्वागत में एयरपोर्ट पर खड़े थे. विमान से उतरते ही पीएम मोदी ने गले लगा लिया.
भारत के दौरे के बाद सलमान चीन पहुंचने वाले हैं. ख़ाशोग्जी को लेकर न तो पाकिस्तान ने एक शब्द बोला और न ही भारत ने. कई लोगों का मानना है कि सऊदी अरब का पाकिस्तान में निवेश की घोषणा अपनी छवि सुधारने से आगे की घोषणा है.
सऊदी अरब से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद का समृद्ध इतिहास रहा है. पाकिस्तानी मदरसों को सऊदी से पर्याप्त फंड मिलता है. पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किया तो सऊदी अरब ने ही दुनिया के आर्थिक प्रतिबंधों के असर से बचाया.
2014 में पाकिस्तानी रुपया जब बुरी तरह से टूटा तब भी सऊदी ने इस्लामाबाद को डेढ़ अरब डॉलर की मदद दी.
पाकिस्तान दौरे में सलमान ने निवेश की घोषणा तब की है जब पाकिस्तान पूरी तरह से गर्दिश में है. पाकिस्तान आर्थिक संकट में फंसा हुआ है. पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो गया है कि वो तेल का आयात बिल भुगतान करने लायक भी नहीं बचा है.
पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा महज आठ अरब डॉलर बची है. पिछले साल अगस्त महीने में जब इमरान ख़ान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तब से पाकिस्तान ख़ुद को डिफॉल्टर होने से बचाने की कोशिश कर रहा है.
इमरान ख़ान ने पहले विदेशी दौरे के लिए सऊदी को चुना. पिछले साल अक्टूबर में पीएम ख़ान सऊदी गए तो उसने पाकिस्तान को आर्थिक मदद मुहैया कराई गई.
यह मदद तब मिली जब पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक की जमा राशि में पिछले साल की तुलना में 40 फ़ीसदी की गिरावट आई थी.
पाकिस्तान फ़िलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद लेने की कोशिश कर रहा है. 1980 के दशक के बाद से पाकिस्तान आईएमएफ़ की शरण में 13 बार जा चुका है.
सऊदी अरब के बारे में ऐतिहासिक रूप से कहा जाता है कि वो दिमाग़ और दिल जीतने के लिए खर्च करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है.
लेकिन सऊदी अभी ख़ुद ही आर्थिक लाचारी से जूझ रहा है. सऊदी को अब बड़ी गहराई से महसूस हो रहा है कि उसकी अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल पर से कम करनी होगी.
लंदन के किंग्स कॉलेज में मध्य-पूर्व सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ एंड्रीज क्रेइग ने टाइम मैगज़ीन से कहा है, ''खुलकर पैसे खर्च करने की स्थिति में सऊदी 80 और 90 के दशक में था. आज की तारीख़ में सऊदी उस हालत में नहीं है. एमबीएस के नेतृत्व में तो कम से कम बिल्कुल नहीं है. 20 अरब डॉलर का वादा महज मदद नहीं है बल्कि ये पाकिस्तान को पंसद करते हैं इसलिए है. सऊदी इस निवेश से भविष्य में कमाना चाहता है.''
आठ अरब डॉलर ग्वादर पोर्ट तेल रिफाइनरी संयंत्र बनाने के लिए है. इसे चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर में सबसे ख़ास माना जा रहा है.
इसमें संयुक्त अरब अमीरात ने भी निवेश किया है. चीन ने वन बेल्ट वन रोड के चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर में 62 अरब डॉलर का निवेश किया है. पाकिस्तान में सऊदी अरब तेल निर्यात बाज़ार स्थापित करना चाहता है.
सीआईए ने कहा था कि ख़ाशोग्जी की हत्या क्राउन प्रिंस के आदेश पर हुई थी. ख़ाशोग्जी की हत्या को लेकर कई अहम हस्तियों ने रियाद में इन्वेस्टमेंट समिट का बहिष्कार कर दिया था.
नवंबर में सलमान ट्यूनीशिया गए तो विरोध का सामना करना पड़ा. सलमान जब मोरक्को पहुंचे तो किंग मोहम्मद VI ने भी उनसे मिलने से परहेज किया.
बिछ गया पाकिस्तान
17 फ़रवरी को जब क्राउन प्रिंस पाकिस्तान पहुंचे तो ख़ाशोग्जी की हत्या की छाया कहीं नहीं दिखी. पाकिस्तान ने क्राउन प्रिंस को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया.
सलमान जब पिछले हफ़्ते रविवार की रात पाकिस्तान पहुंचे तो पाकिस्तान ने सोमवार को क्राउन प्रिंस के सम्मान में सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा कर दी.
रविवार की रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सलमान की मौजूदगी में कहा, ''सऊदी अरब पाकिस्तान के लिए मुश्किलों का दोस्त रहा है इसलिए हमारे लिए यह संबंध काफ़ी अहम है.''
क्राउन प्रिंस ने पाकिस्तान में पेट्रोकेमिकल्स, ऊर्जा और खनन परियोजनाओं में 20 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की. इसके अलावा सलमान ने सऊदी की जेलों में बंद 2,000 पाकिस्तानी नागरिकों के तत्काल रिहाई की घोषणा की.
ख़ान ने कहा कि क्राउन प्रिंस ने ऐसा कर पाकिस्तानियों का दिल जीत लिया. इमरान ख़ान भी प्रोटोकॉल तोड़ एमबीएस को ख़ुद ही गाड़ी चला अपने आवास तक लाए.
एमबीएस का पाकिस्तान दौरे में जैसा स्वागत हुआ वो किसी अंतरराष्ट्रीय स्टेट्समैन से भी आगे का था. पाकिस्तान के बाद सलमान भारत पहुंचे और यहां भी प्रधानमंत्री मोदी स्वागत में एयरपोर्ट पर खड़े थे. विमान से उतरते ही पीएम मोदी ने गले लगा लिया.
भारत के दौरे के बाद सलमान चीन पहुंचने वाले हैं. ख़ाशोग्जी को लेकर न तो पाकिस्तान ने एक शब्द बोला और न ही भारत ने. कई लोगों का मानना है कि सऊदी अरब का पाकिस्तान में निवेश की घोषणा अपनी छवि सुधारने से आगे की घोषणा है.
सऊदी अरब से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद का समृद्ध इतिहास रहा है. पाकिस्तानी मदरसों को सऊदी से पर्याप्त फंड मिलता है. पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किया तो सऊदी अरब ने ही दुनिया के आर्थिक प्रतिबंधों के असर से बचाया.
2014 में पाकिस्तानी रुपया जब बुरी तरह से टूटा तब भी सऊदी ने इस्लामाबाद को डेढ़ अरब डॉलर की मदद दी.
पाकिस्तान दौरे में सलमान ने निवेश की घोषणा तब की है जब पाकिस्तान पूरी तरह से गर्दिश में है. पाकिस्तान आर्थिक संकट में फंसा हुआ है. पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम हो गया है कि वो तेल का आयात बिल भुगतान करने लायक भी नहीं बचा है.
पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा महज आठ अरब डॉलर बची है. पिछले साल अगस्त महीने में जब इमरान ख़ान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली तब से पाकिस्तान ख़ुद को डिफॉल्टर होने से बचाने की कोशिश कर रहा है.
इमरान ख़ान ने पहले विदेशी दौरे के लिए सऊदी को चुना. पिछले साल अक्टूबर में पीएम ख़ान सऊदी गए तो उसने पाकिस्तान को आर्थिक मदद मुहैया कराई गई.
यह मदद तब मिली जब पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक की जमा राशि में पिछले साल की तुलना में 40 फ़ीसदी की गिरावट आई थी.
पाकिस्तान फ़िलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मदद लेने की कोशिश कर रहा है. 1980 के दशक के बाद से पाकिस्तान आईएमएफ़ की शरण में 13 बार जा चुका है.
सऊदी अरब के बारे में ऐतिहासिक रूप से कहा जाता है कि वो दिमाग़ और दिल जीतने के लिए खर्च करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है.
लेकिन सऊदी अभी ख़ुद ही आर्थिक लाचारी से जूझ रहा है. सऊदी को अब बड़ी गहराई से महसूस हो रहा है कि उसकी अर्थव्यवस्था की निर्भरता तेल पर से कम करनी होगी.
लंदन के किंग्स कॉलेज में मध्य-पूर्व सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ एंड्रीज क्रेइग ने टाइम मैगज़ीन से कहा है, ''खुलकर पैसे खर्च करने की स्थिति में सऊदी 80 और 90 के दशक में था. आज की तारीख़ में सऊदी उस हालत में नहीं है. एमबीएस के नेतृत्व में तो कम से कम बिल्कुल नहीं है. 20 अरब डॉलर का वादा महज मदद नहीं है बल्कि ये पाकिस्तान को पंसद करते हैं इसलिए है. सऊदी इस निवेश से भविष्य में कमाना चाहता है.''
आठ अरब डॉलर ग्वादर पोर्ट तेल रिफाइनरी संयंत्र बनाने के लिए है. इसे चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर में सबसे ख़ास माना जा रहा है.
इसमें संयुक्त अरब अमीरात ने भी निवेश किया है. चीन ने वन बेल्ट वन रोड के चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर में 62 अरब डॉलर का निवेश किया है. पाकिस्तान में सऊदी अरब तेल निर्यात बाज़ार स्थापित करना चाहता है.
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