बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर की फिल्म The Accidental Prime Minister का ट्रेलर इस समय सोशल मीडिया की गलियों में धूम मचा रहा है. इस फिल्म में अनुपम खेर, देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के किरदार में हैं. ये फिल्म उनके मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की किताब पर आधारित है. लेकिन जब से फिल्म का ट्रेलर आया है तभी ये राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बन गई है. भारतीय जनता पार्टी-कांग्रेस फिल्म के ट्रेलर, उसमें दिखाए गए सीन पर आमने सामने हैं.
हालांकि, कांग्रेस ने अपने सभी प्रवक्ताओं और नेताओं को सर्कुलर जारी किया है कि वह इस फिल्म के मसले पर बोलने से बचें. दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर का कहना है कि आखिर कांग्रेस किस प्रकार फिल्म की आजादी पर सवाल उठा सकती है. तो वहीं अन्य मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि वह इस फिल्म को जरूर देखेंगे.
भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस ऐसी फिल्म को क्यों सेंसर कराना चाहती है जो एक किताब पर आधारित है. और किताब भी 2014 में छप चुकी है. क्या सिर्फ इसलिए क्योंकि किताब काफी कम लोग पढ़ते हैं और फिल्म अधिक लोग देखते हैं.
दूसरी तरफ कांग्रेस भी इस मुद्दे पर आक्रामक है, यूथ कांग्रेस ने तो इसको लेकर चेतावनी जारी कर दी है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के इस प्रकार के एजेंडे से हम उनसे सवाल पूछने से रुकने वाले नहीं हैं. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट किया.
इसके अलावा महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस ने इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग की है, उसके बाद ही रिलीज करने को कहा है. उन्होंने धमकी दी है कि वह इस मामले को कोर्ट भी ले जाएंगे. इनकी मांग है कि फिल्म में से विवादित सीन तुरंत हटाए जाएं. हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस फिल्म पर कुछ भी नहीं कहा, जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी ही साधी.
गौरतलब है कि ये वो फिल्म है जिसका इंतज़ार कई लोग बेसब्री से कर रहे थे. इस फिल्म में मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे एक्टर अनुपम खेर ने जिस तरह से इसे निभाया है उसकी तारीफ हो रही है. आपको बता दें कि फिल्म में अक्षय खन्ना संजय बारू का किरदार निभा रहे हैं. जो ट्रेलर में मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के रिश्तों पर बात करते नज़र आते हैं.
संजय बारू मई 2004 से अगस्त 2008 तक पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार के पद पर कार्यरत रह चुके हैं. 2019 के चुनाव से पहले इस फिल्म के रिलीज़ होने पर विवाद गहराता जा रहा है. फिल्म का निर्देशन विजय रत्नाकर गुट्टे ने किया है. हंसल मेहता इसके क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं.
Thursday, December 27, 2018
Tuesday, December 18, 2018
क्रिसमस से पहले ईसाइयों पर क्यों इतना सख़्त हुआ चीन?
चीन में चर्चों के ख़िलाफ़ हाल में बढ़ती पुलिस कार्रवाई ने इस बात को लेकर चिंता पैदा कर दी है कि चीनी सरकार ईसाई गतिविधियों को लेकर सख़्ती बढ़ा रही है.
चीन में गिरफ़्तार किए गए ईसाइयों में सिचुआन के अर्ली रेन कवनेंट चर्च के प्रमुख पादरी वांग यी और उनकी पत्नी भी शामिल हैं. दोनों पर राज्य सत्ता के ख़िलाफ़ विद्रोह का आरोप लगाया गया है.
इसके बाद रविवार सुबह दर्जनों पुलिसकर्मियों ने गुआनझाउ में रॉन्गविलाई चर्च में बच्चों की बाइबिल क्लास में छापा मारा था.
आधिकारिक तौर पर चीन एक नास्तिक देश है. फिर भी वह धार्मिक स्वतंत्रता की अनुमति देता है.
लेकिन पिछले कई सालों से चीन में उन धार्मिक नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है जिन्हें वो शासन और स्थायित्व के लिए ख़तरा समझती है.
ह्यूमन राइट्स वॉच सरकार के धार्मिक विश्वास के सम्मान के दावे को एक धोखा बताता है.
चीन की सरकार ईसाइयों को थ्री-सेल्फ़ पैट्रीओटिक चर्च, राज्य-स्वीकृत निकायों में से किसी एक में शामिल होने के लिए दबाव डालती है, जो कम्युनिस्ट पार्टी के विचारधारा से सहमति रखते हैं और स्वीकृत पादरियों द्वारा चलाए जाते हैं.
आलोचनाओं को दबाना
इसके बावजूद हाल के वर्षों में चीन में ईसाइयों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है. एक अनुमान के मुताबिक़ चीन में 10 करोड़ ईसाई रहते हैं और इनमें से अधिकतर भूमिगत चर्चों में पूजा करते हैं.
वागं यी इसी तरह के अनाधिकारिक चर्च अर्ली रेन कवनेंट में पादरी हैं. यह चर्च दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत की राजधानी चंगुडु में स्थित है.
यह चर्च इसलिए अलग है क्योंकि यह खुलेआम पूजा करता है और ईसाई धर्म प्रचार से जुड़ी सामग्री ऑनलाइन डालता है. चर्च का कहना है कि शहर में उसके 800 अनुयायी हैं. यह एक छोटा स्कूल भी चलाता है.
वांग यी मुखर होने के लिए भी जाने जाते हैं. वह चीन के धर्म पर नियंत्रण की नीति के कड़े आलोचक हैं और चर्च के संबंध में लाए गए एक नए क़ानून के ख़िलाफ़ याचिका तैयार कर चुके हैं.
इस क़ानून के मुताबिक चर्चों पर सख़्त निगरानी रखने और लाइन से अलग चलने वालों पर कठोर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है.
'चर्च छोड़ने का बनाया दबाव'
पुलिस ने 9 दिसंबर को चर्च में छापा मारा और वांग यी व उनकी पत्नी जियांग रॉन्ग को गिरफ़्तार कर लिया. इसके बाद अगले दो दिनों में चर्च के 100 सदस्यों को पकड़ा गया. इसमें वांग यी के असिस्टेंट भी शामिल हैं.
अपना नाम छिपाने की शर्त पर चर्च के एक सदस्य ने बीबीसी को बताया कि चर्च के स्कूल का ताला तोड़ा गया था. चर्च जाने वालों के घर लूटे गए और कुछ को ''घर में ही नज़रबंद कर दिया गया था या उनका पीछा किया जाता था.''
वह कहती हैं कि पुलिस और अन्य अधिकारियों ने घर-घर जाकर लोगों पर दबाव बनाया था कि वो चर्च छोड़ने और उनके बच्चों को चर्च के स्कूल से निकालने की शपथ पर साइन करें.
सदस्य ने बताया, ''रविवार को कुछ सदस्य पूजा के लिए अन्य जगहों पर इकट्ठा हुए थे लेकिन वहां पर भी उन्हें पकड़ लिया गया. पुलिस ने और सादे कपड़ों में आए अधिकारियों ने चर्च को घेर लिया. वो किसी को भी पूजा के लिए चर्च में नहीं जाने दे रहे थे.''
चीन में गिरफ़्तार किए गए ईसाइयों में सिचुआन के अर्ली रेन कवनेंट चर्च के प्रमुख पादरी वांग यी और उनकी पत्नी भी शामिल हैं. दोनों पर राज्य सत्ता के ख़िलाफ़ विद्रोह का आरोप लगाया गया है.
इसके बाद रविवार सुबह दर्जनों पुलिसकर्मियों ने गुआनझाउ में रॉन्गविलाई चर्च में बच्चों की बाइबिल क्लास में छापा मारा था.
आधिकारिक तौर पर चीन एक नास्तिक देश है. फिर भी वह धार्मिक स्वतंत्रता की अनुमति देता है.
लेकिन पिछले कई सालों से चीन में उन धार्मिक नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है जिन्हें वो शासन और स्थायित्व के लिए ख़तरा समझती है.
ह्यूमन राइट्स वॉच सरकार के धार्मिक विश्वास के सम्मान के दावे को एक धोखा बताता है.
चीन की सरकार ईसाइयों को थ्री-सेल्फ़ पैट्रीओटिक चर्च, राज्य-स्वीकृत निकायों में से किसी एक में शामिल होने के लिए दबाव डालती है, जो कम्युनिस्ट पार्टी के विचारधारा से सहमति रखते हैं और स्वीकृत पादरियों द्वारा चलाए जाते हैं.
आलोचनाओं को दबाना
इसके बावजूद हाल के वर्षों में चीन में ईसाइयों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है. एक अनुमान के मुताबिक़ चीन में 10 करोड़ ईसाई रहते हैं और इनमें से अधिकतर भूमिगत चर्चों में पूजा करते हैं.
वागं यी इसी तरह के अनाधिकारिक चर्च अर्ली रेन कवनेंट में पादरी हैं. यह चर्च दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत की राजधानी चंगुडु में स्थित है.
यह चर्च इसलिए अलग है क्योंकि यह खुलेआम पूजा करता है और ईसाई धर्म प्रचार से जुड़ी सामग्री ऑनलाइन डालता है. चर्च का कहना है कि शहर में उसके 800 अनुयायी हैं. यह एक छोटा स्कूल भी चलाता है.
वांग यी मुखर होने के लिए भी जाने जाते हैं. वह चीन के धर्म पर नियंत्रण की नीति के कड़े आलोचक हैं और चर्च के संबंध में लाए गए एक नए क़ानून के ख़िलाफ़ याचिका तैयार कर चुके हैं.
इस क़ानून के मुताबिक चर्चों पर सख़्त निगरानी रखने और लाइन से अलग चलने वालों पर कठोर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है.
'चर्च छोड़ने का बनाया दबाव'
पुलिस ने 9 दिसंबर को चर्च में छापा मारा और वांग यी व उनकी पत्नी जियांग रॉन्ग को गिरफ़्तार कर लिया. इसके बाद अगले दो दिनों में चर्च के 100 सदस्यों को पकड़ा गया. इसमें वांग यी के असिस्टेंट भी शामिल हैं.
अपना नाम छिपाने की शर्त पर चर्च के एक सदस्य ने बीबीसी को बताया कि चर्च के स्कूल का ताला तोड़ा गया था. चर्च जाने वालों के घर लूटे गए और कुछ को ''घर में ही नज़रबंद कर दिया गया था या उनका पीछा किया जाता था.''
वह कहती हैं कि पुलिस और अन्य अधिकारियों ने घर-घर जाकर लोगों पर दबाव बनाया था कि वो चर्च छोड़ने और उनके बच्चों को चर्च के स्कूल से निकालने की शपथ पर साइन करें.
सदस्य ने बताया, ''रविवार को कुछ सदस्य पूजा के लिए अन्य जगहों पर इकट्ठा हुए थे लेकिन वहां पर भी उन्हें पकड़ लिया गया. पुलिस ने और सादे कपड़ों में आए अधिकारियों ने चर्च को घेर लिया. वो किसी को भी पूजा के लिए चर्च में नहीं जाने दे रहे थे.''
Friday, December 14, 2018
2020 में एशिया कप की मेजबानी करेगा पाकिस्तान, टी-20 फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट
अब महिला टेनिस खिलाड़ियों की रैंकिंग मां बनने के कारण नीचे नहीं आएगी। अंतरराष्ट्रीय महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) ने गुरुवार को यह फैसला किया। ऐसी खिलाड़ियों की रैंकिंग ब्रेक लेने से तीन साल की अवधि तक सुरक्षित पाकिस्तान को अपने जमीन पर क्रिकेट की वापसी को लेकर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उसे एशिया कप 2020 की मेजबानी मिल गई है। हालांकि, मैच के वेन्यू को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर पाकिस्तान में मैच नहीं होते हैं, तो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मैदान पर मुकाबले होंगे। एशिया कप 2020 सितंबर में टी-20 प्रारूप में खेला जाएगा। यह आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले खेला जाएगा।
ऐसा कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहतर नहीं होते हैं तो फिर एशिया कप एक बार फिर से यूएई में ही होगा। इसी साल सितंबर में एशिया कप आयोजन यूएई में हुआ था। पिछली बार एशिया कप कराने का अधिकार भारत को मिला था लेकिन पाकिस्तान के यहां न आने चलते बीसीसीआई ने टूर्नामेंट यूएई में करवाया था।
डब्ल्यूटीए ने खिलाड़ियों को ड्रेस कोड के लिहाज से भी राहत दी है। अमेरिकी स्टार सेरेना विलियम्स अब अपना मशहूर ब्लैक कैट सूट पहन सकेंगी। डब्ल्यूटीए ने कहा कि लेंगिंग और मिड थाई कम्प्रेशन शॉर्ट्स को बिना स्कर्ट के भी पहना जा सकेगा।
चीन यून को वाइन पोत के आकार में बनाया गया है। 1,731 फीट (528 मीटर) की यह इमारत दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची इमारत है। इस साल की सबसे ऊंची इमारतों के मामले में एशियाई शहरों का दबदबा रहा। इनमें हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम), चांग्शा, चीन के शहर शामिल हैं। इन जगहों पर पिछले 12 महीनों में 1312 फीट (400 मीटर) से भी ज्यादा ऊंची इमारतें बनाई गईं।
दक्षिण अमेरिका में ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना), बोगोटा (कोलंबिया) में भी स्काईस्क्रैपर बनाए गए। सैन फ्रांसिस्को और मियामी में क्रमश: 326 मीटर (1,070 फीट) सेल्सफोर्स टावर और 252 मीटर (827 फीट) पैनोरमा टावर के रूप में स्काईस्क्रैपर बनाए गए हैं। एशिया से बाहर इस साल सबसे ऊंची इमारत के मामले में फिलाडेल्फिया का कॉमकास्ट टेक्नोलॉजी सेंटर 342 मीटर (1,121 फीट) है। यह शहर में सबसे ऊंचा स्काईस्क्रैपर है।
सीटीबीयूएच की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में दुनिया में 120 मीटर से 150 नए स्काईस्क्रैपर बनाए जा सकते हैं। हालांकि, उसकी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि स्काईस्क्रैपर की बढ़ती संख्या से चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, "अगर चीन के खिलाफ कोई टैरिफ लगाया जाता है तो वैश्विक निर्माण उद्योग, विशेष रूप से स्टील इम्पोर्ट के मामले में चीन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।"
ऐसा कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहतर नहीं होते हैं तो फिर एशिया कप एक बार फिर से यूएई में ही होगा। इसी साल सितंबर में एशिया कप आयोजन यूएई में हुआ था। पिछली बार एशिया कप कराने का अधिकार भारत को मिला था लेकिन पाकिस्तान के यहां न आने चलते बीसीसीआई ने टूर्नामेंट यूएई में करवाया था।
डब्ल्यूटीए ने खिलाड़ियों को ड्रेस कोड के लिहाज से भी राहत दी है। अमेरिकी स्टार सेरेना विलियम्स अब अपना मशहूर ब्लैक कैट सूट पहन सकेंगी। डब्ल्यूटीए ने कहा कि लेंगिंग और मिड थाई कम्प्रेशन शॉर्ट्स को बिना स्कर्ट के भी पहना जा सकेगा।
चीन यून को वाइन पोत के आकार में बनाया गया है। 1,731 फीट (528 मीटर) की यह इमारत दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची इमारत है। इस साल की सबसे ऊंची इमारतों के मामले में एशियाई शहरों का दबदबा रहा। इनमें हो ची मिन्ह सिटी (वियतनाम), चांग्शा, चीन के शहर शामिल हैं। इन जगहों पर पिछले 12 महीनों में 1312 फीट (400 मीटर) से भी ज्यादा ऊंची इमारतें बनाई गईं।
दक्षिण अमेरिका में ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना), बोगोटा (कोलंबिया) में भी स्काईस्क्रैपर बनाए गए। सैन फ्रांसिस्को और मियामी में क्रमश: 326 मीटर (1,070 फीट) सेल्सफोर्स टावर और 252 मीटर (827 फीट) पैनोरमा टावर के रूप में स्काईस्क्रैपर बनाए गए हैं। एशिया से बाहर इस साल सबसे ऊंची इमारत के मामले में फिलाडेल्फिया का कॉमकास्ट टेक्नोलॉजी सेंटर 342 मीटर (1,121 फीट) है। यह शहर में सबसे ऊंचा स्काईस्क्रैपर है।
सीटीबीयूएच की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में दुनिया में 120 मीटर से 150 नए स्काईस्क्रैपर बनाए जा सकते हैं। हालांकि, उसकी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि स्काईस्क्रैपर की बढ़ती संख्या से चीन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, "अगर चीन के खिलाफ कोई टैरिफ लगाया जाता है तो वैश्विक निर्माण उद्योग, विशेष रूप से स्टील इम्पोर्ट के मामले में चीन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।"
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